भूगोल


    विभाग की स्थापना 2013 में हुई। विभाग मेें हिंदी भाषा के माध्यम से भूगोल विषय का पठन-पाठन कार्य किया जा रहा है। विभाग के पाठ्यक्रमों में समकालीन विषय वस्तु के अतिरिक्त भारतीय ज्ञान परम्परा को शामिल किया है। पृथ्वी के ऊपरी स्वरूप एवं प्राकृतिक विभगों जैसे नगर, देश, महादेश, नदी, समुद्र, पहाड़ों वन आदि का छात्रों को ज्ञान करवाया जाता है विज्ञान के निष्कर्षों के बीच कार्यकारण संबंध स्थापित करते हुए पृथ्वी तल की विभिन्नताओं का मानवीय दृष्टिकोण से अध्ययन अध्यापन करवाया जाता है। 
    प्राचीन भारतीय संस्कृति साहित्य इस बात को प्रमाणित करता है कि विश्व में भारतीय संस्कृति के द्वारा भूगोल का ज्ञान सर्वप्रथम दिया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में भूगोल की स्थापना इस विचार को आगे बढ़ाने का है भूगोल विषय का हिंदी भाषा में उच्च स्तर का साहित्य उपलब्ध है, जो कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में सार्थक सिद्ध हो रहा है। 
मुख्य उद्देश्य - 
1-    भूगोल की अभिनव प्रवृतियों से अवगत कराना। 
2-    भौगोलिक चिंतन और उसके विकास से परिचित कराना। 
3-    मानव प्रजातियों, जनजातियों से परिचित करना। 
4-    विश्व व भारत में सांस्कृतिक भिन्नता के आधार प्रजाति, धर्म एवं भाषा से अवगत कराना।

डॉ. भावना ठाकुर, संकायाध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय

Voter back.jpgडॉ. भावना ठाकुर अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्‍वविद्यालय भोपाल, में राजनीतिशास्त्र एवं लोक प्रशासन विभाग में सह-प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत् हैं। डॉ. ठाकुर ने एम.ए (स्नातकोत्तर) एवं एम.फिल. (विद्यानिधि) की परीक्षा राजनीतिशास्त्र विषय में विक्रम विश्‍वविद्यालय, उज्जैन से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा दोनों ही परीक्षाओं में विश्‍वविद्यालय के प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन्होंने पी.एच.डी (विद्यावारिधि) की उपाधि म.प्र. के बहुप्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बरकतउल्ला विश्‍वविद्यालय भोपाल, से प्राप्त किया जिसमें इनके शोध का विषय ‘‘म.प्र. राज्य महिला आयोग’ का संगठन, कार्यप्रणाली और महिला कल्याण में आयोग की भूमिका सीहोर जिले के विशेष सन्दर्भ में एक विश्‍लेषणात्मक अध्ययन’’ रहा। इन्होने म.प्र के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में लगभग 25 वर्षो तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का अध्यापन कार्य किया है। डॉ. ठाकुर विभिन्न अकादमिक संस्थाओं एवं शोध पत्रिकाओं की सम्मानित सदस्या हैं साथ ही, अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं का आयोजन एवं उनमें सक्रिय सहभागिता किया है। इनके लगभग 30 शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इन्होने अनेक राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में अनेक शोध पत्रों का वाचन एवं प्रस्तुतिकरण किया है। डॉ. ठाकुर, अध्ययन-अध्यापन के अतिरिक्त विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण से सम्बन्धित अन्य अनेक पाठ्येत्तर गतिविधियों में सदैव संलग्न रही हैं। आप म.प्र के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्‍वविद्यालयों में अध्ययन मण्डल की सम्मानित एवं सक्रिय सदस्या हैं। सम्प्रति, डॉ. ठाकुर विश्‍वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता होने के साथ-साथ अनेक पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, वाणिज्य एवं प्रबन्धन विभाग, विधि विभाग, पुस्तकालय विभाग की विभागाध्यक्ष हैं साथ ही, विश्‍वविद्यालय की अकादमी शाखा, शोध शाखा आदि शाखाओं में महत्वपूर्ण उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।

विभाग में कार्यरत शिक्षक- डाॅ.नीलू वर्मा 
एम.ए. (भूगोल), पीएच.डी, एम.एड.

  •    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयेाग में सहायक प्राध्यापक परीक्षा पास - 1993
  •    अध्यापन अनुभव भूगोल, तथा शिक्षा दोनो विषयों में है। भूगोल विषय का अनुभव - 08 वर्ष 02 माह
  •     ज्ञानवीर महाविद्यालय सागर (म.प्र.) में - 16.08.2007 से 03.09.2010 तक। 
  •     शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर (म.प्र.) - 04.09.2010 से 21.11.2012
  •    अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल - 01.09.2014 से 31.12.2016 तथा पुनः 21.12.2017 से अभी तक जारी 
  •     शिक्षा विषय का अनुभव - 01 वर्ष 06 माह 
  •     बी.टी.आई.ई.सागर (म.प्र.) - 05.10.2012 - 3.06.2013
  •    मानसरोवर काॅलेज भोपाल (म.प्र.) - 21.10.2013 -30.08.2014
  •    भूगोल तथा शिक्षा विषय का अध्यापन अनुभव - 09 वर्ष 11 माह
  •     राज्य शासन उच्च शिक्षा विभाग (म.प्र.) द्वारा अतिथि विद्वान भूगोल विषय में चयन 2018-19 नसरूल्लागंज सीहोर में पदस्थापना हुई, परन्तु ज्वाइन नहीं किया। 
  •     राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया - 13
  •     राष्ट्रीय कार्यशाला में सहभागिता की - 03

शोध पत्र - 04 शोध पर प्रकाशित है। 
1-    “वर्तमान प्रचलित परीक्षा पद्धति की समस्याऐं एवं चुनौतियाँ”
परीक्षा प्रणाली में सुधार - डाॅ.चन्द्रकात जैन
ISBN NO. 978-93-80296-26-5,  अमन प्रकाशन, सागर (म.प्र)

2-    “सामाजिक नैतिक एवं शैक्षणिक उत्थान में सूचना एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका” -1
राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी - 18-19 मार्च
ISBN NO. 978-81-89740-42-9, VOL-01
संपादक - डाॅ.श्रीमती प्रवीण शर्मा
पं.दीनदयाल उपाध्याय शा.कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर (म.प्र.)
3-    “प्राचीन भारत में भौगोलिक ज्ञान का विकास”
‘शोध-क्षितिज’ ISSN NO.-23953063
संपादक - डाॅ.दिव्या गुरू
प. दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्य़ालय, सागर (म.प्र.)
4-    ‘भारत में आर्थिक विकास और पर्यावरण’
‘शोध-क्षितिज’ रिसर्च जनरल
ISSN NO.-2395-3063 अप्रैल VOL-07
संपादक - डाॅ.दिव्या गुरू
पं. दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्य़ालय, सागर (म.प्र.)

शिक्षक गण :

विभागीय शिक्षक गण की सूची :
नाम पदनाम विशेषज्ञता संपर्क न. ईमेल
डॉ. भावना ठाकुर विभागाध्‍यक्ष 9826767187
डॉ. नीलू वर्मा अतिथि शिक्षक 9407544041 neelesh261@gmail.com


पाठ्यक्रम :

पाठ्य विवरण (सिलेबस):
पाठ्यक्रम सिलेबस
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