अर्थशास्त्र

आचार्य चाणक्य (कौटिल्य) अर्थशास्त्र ग्रंथ के रचयिता थे। यह बात सर्वविदित है कि पुराने समय में सिल्क रूट जो एशिया को यूरोप से जोड़ तथा भारत से होकर निकलता था जिसमें विदेशी व्यापार में भारत की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका थी। क्योंकि यदि हम प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था को देखते हैं तो पता चलता है कि भारत में न तो कहीं भी बेरोजगारी थी और न ही गरीबी। प्रत्येक वर्ग अपना स्वयं का व्यवसाय करता था, जिसमें वह पारंपरिक रूप से सिद्धहस्त था। इसलिए भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। 
    इस विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विषय का हिंदी में अध्ययन अध्यापन एवं अनुसंधान का कार्य सन् 2013 से निरंतर जारी है। जिसमें वर्तमान एवं प्रचीन सभी विचारधाराओं को उचित स्थान प्रदान किया गया है। 
मुख्य उद्देश्य - 
1-    अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय विकास सिद्धांतों एवं नीतियों को भारतीय अर्थव्यवस्था के अनुरूप ढालना एवं उनका विश्लेषण करना। 
2-    अर्थशास्त्र के प्राचीन भारतीय माॅडल को एक बार पुनः प्रतिस्थापित करने का प्रयास करना। 
3-    गणितीय, अर्थमितीय एवं सांख्यिकीय दृष्टिकोण इस माॅडल के पुर्वानुमान निकालकर सफलता के अवसरों को देखना। 
4-    विषय संबंधी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझाना एवं प्राचीन सुदृढ़ आर्थिक ढांचा को टूटने से बचाने का प्रयास करना।

डाॅ. रेखा रॉय-संकायाध्यक्ष, समाज विज्ञान संकाय एवं विभागाध्यक्ष, अर्थशास्‍त्र- 


नियुक्ति दिनांक:- 10.01.1990
नियुक्ति म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयनित एवं उच्च शिक्षा विभाग, म.प्र. शासन से नियमित।
शैक्षणिक योग्यता 
उपाधि                          वर्ष            विश्वविद्यालय/विषय
स्नातक                        1979           भोपाल वि.वि. भोपाल, म.प्र.
बी.एड                          1980           भोपाल वि.वि. भोपाल, म.प्र.
स्नातकोŸार                1983           भोपाल वि.वि. भोपाल/हिंदी 
पी-एच.डी.                     1989           बरकतउल्ला वि.वि. भोपाल म.प्र.
                                                      विषय:- नई कहानी में मध्यवर्गीय जीवन एवं  सांस्कृतिक परिदृश्य 
डी.लिट्                        2002          बरकतउल्ला वि.वि. भोपाल म.प्र.
                                                      विषय:- हिंदी कहानी की वस्तु संरचना 

शोध कार्य का अनुभव            ः-     08 विद्यार्थी शोध उपाधि प्राप्त
                                                 08 शोद्यार्थी शोधरत
प्रकाशन                              ः-    35 राष्ट्रीय शोध संगोष्ठियों में आलेख प्रकाशित। 
प्रकाशित कार्य                      ः-    प्रतिभा, अभियान पत्रिकाओं में कविता प्रकाशित, ज्ञान विज्ञान शैक्षिक निबंध  

                                                पुस्तकमाला - 4 में निबंध ‘भारतीय ज्ञान परम्परा में अंको का शाब्दिक विश्लेषण’ प्रकाशित एवं                 

                                                प्रयास-2017 में ‘हिंदी रंगमंच व नाटक कल आज और कल’ प्रकाशित
आकाशवाणी, भोपाल            :-    स्वरचित कविताओं का पाठ 

मूल्यांकन कार्य  
1-    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर 
2-    छत्‍‍‍‍तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर (छत्‍तीसगढ़) 
3-    बाह्य परीक्षक के रूप में पी-एच.डी उपाधि प्रदाय-सुनीता सिंह, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा
4-    बाह्य परीक्षक के रूप में पी-एच.डी उपाधि प्रदाय-अनामिका सिंह, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा
5-    शोध प्रबन्ध मूल्यांकन-महात्मा ज्योतिबाफूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली (उ.प्र.)
6-    शोध प्रबन्ध मूल्यांकन-महात्मा कुमाऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल 
7-    शोध प्रबन्ध मूल्यांकन-विश्वविद्यालय उदयपुर, राजस्थान

Selection committee member for teaching/nonteaching Positions -

1-    IIser Bhopal
2-    NIFT, Bhopal
3-    योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, भौरी भोपाल
परीक्षा संचालन 
1-    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल 
2-    अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल
पर्यवेक्षक 
1-    व्यापम परीक्षा
2-    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर म.प्र.
3-    केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नईदिल्ली (ए.आई.पी.एम.टी परीक्षा)
पाठ्यक्रम निर्माण 
1-    अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल 
2-    बरकत्तउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल 
3-    क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान, भोपाल 
4-    साँची, बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय, साँची 
5-    उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश 

विश्वविद्यालयीन प्रभार
प्रभारी - समय-सारणी संयोजक, केन्द्राध्यक्ष परीक्षा, सी.एम. हेल्पलाइन, सहा.लोक सूचना अधिकारी, संस्कृत विभाग, चित्रकला विभाग, संगीत विभाग, भाषा अध्ययन एवं अनुवाद विभाग, गृहविज्ञान विभाग, अँग्रेजी विभाग, इतिहास विभाग, भूगोल विभाग, राजनीतिशास्त्र विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, समाजशास्त्र विभाग

संगोष्ठी संयोजन 
1-    भारतीय भाषा सम्मेलन, 02 दिवसीय संगोष्ठी, 14 एवं 15 फरवरी, 2015
2-    मूकमाटी, 02 दिवसीय संगोष्ठी, 15 एवं 16 अक्टूबर 2016
3-    तेजस्वी बालक: तेजस्वी भारत, 02 दिवसीय संगोष्ठी, 07 एवं 08 दिसंबर 2016
4-    हिंदी रंगमंच और नाटक-कल आज और कल - 22 फरवरी, 2016 मुख्य अतिथि -एक दिवसीय संगोष्ठी, न्यू होराईजिन काॅलेज बैंगलौर

अर्थशास्‍त्र विभाग में कार्यरत शिक्षक- डॉ. निशा पी शर्मा

योग्यता                                      -       एम.ए., एम.फिल्., नेट (यू.जी.सी.) पास, पीएच.डी., एम.बी.ए. (एच.आर.), सेट पास 2017
विशेषज्ञता                                  -       अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन, अर्थमिति में विशेषज्ञता
अध्यापन अनुभव                         -        शिक्षण एवं शोध (पीएच.डी. छोड़कर) लगभग 22 वर्ष
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन                     -       10 वां विश्व हिंदी सम्मेलन में सहभागिता
राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला          -        लगभग 27 संगोष्ठी 04 कार्यशाला 
प्रकाशन                                     -       लगभग 10 शोध लेख 01 पुस्तक
नवोन्मेषी कार्य - 

  •     विश्वविद्यालय स्तर पर संगोष्ठी का आयोजन
  •     विद्यार्थियों से परियोजना कार्य करवाना 
  •     प्रस्तुतिकरण देना और पी.पी.टी. तैयार करवाना।
  •     सहायक शुल्क प्रभारी दायित्व, समय-समय पर गोपनीय विभाग का दायित्व, नैक समिति दायित्व तथा विभाग एवं विश्वविद्यालय द्वारा दिये गये सभी दायित्वों को अपनी क्षमता अनुसार पूर्ण करना।

शिक्षक गण :

विभागीय शिक्षक गण की सूची :
नाम पदनाम विशेषज्ञता संपर्क न. ईमेल
डॉ. रेखा रॉय विभागाध्‍यक्ष 9826662492 rekharoy1237@gmail.com
डॉ. निशा पी शर्मा अतिथि शिक्षक अर्थशास्त्र एवं प्रबंधन, अर्थमिति में विशेषज्ञता 9826450117 sharmapnisha@gmail.com

पाठ्यक्रम विवरण:

पाठ्यक्रम का नाम : एम.ए. अर्थशास्त्र
पाठ्यक्रम का प्रकार स्नातकोत्तर
अवधि 2 वर्ष
न्यूनतम योग्यता स्नातक
अनिवार्य विषय --
उपलब्ध सीट --
प्रवेश का माध्यम प्रावीण सूची
अध्ययन का माध्यम नियमित




पाठ्यक्रम :

पाठ्य विवरण (सिलेबस):
पाठ्यक्रम सिलेबस
एम.ए Download
बी.ए Download
एम. ए द्वितीय सेमेस्‍टर Download



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